Bade Miya Chote Miya

क्या फिल्म बड़े मियां छोटे मियां के reviews को लेकर कोई गड़बड़ हो रही है?

दरसल फिल्म बड़े मियां छोटे मियां के ट्रेलर में अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ एक्शन से मक्खन की तरह खेल रहे हैं।

अब टेंपरेचर में मेजर ना हो ऐसा तो बड़े मियां का हाइप नहीं है ट्रेलर के बाद भी, पर अक्षय, टाइगर और अली अब्बास जफर के डायरेक्शन के लिए हम सुपर एक्साइटिड है।

अब ट्रेलर को भी मिक्स रिस्पांस मिला है, जहां ट्रेलर एक्शन, डायलॉग से कूट-कूट कर भरा है, एक मैसिव स्केल है। पर वही  ट्रेलर में रेगिस्तान में अक्षय और टाइगर का हॉर्सराइडिंग करते हुए जो सीन है, उसमें जो कन्वर्सेशन है, जिसमें टाइगर मिशन को लीड करने की कोशिश करते हैं, जो अक्षय को पसंद नहीं आता। अक्षय कहते हैं कि, “एक्सपीरियंस्ड कौन है?, फीर टाइगर कहते हैं, “ यंग और डायनामिक कौन है?”, फिर अक्षय कहते हैं कि, “बड़ा कौन है?”‌। तो यह जो फनी कन्वर्सेशन है, दोनों की कंट्रास्ट पर्सनालिटी, जुगलबंदी है, वो कहीं ना कहीं फास्ट एंड फ्यूरियस हॉब्स एंड शॉ की तरह है, जो आपस में एक दूसरे को ऐसे ही टशन देते रहते हैं।

तो कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया या कॉपिड लगा।‌ अब जिन्हें पसंद नहीं आया, वो यह कहते हैं कि, अगर ट्रेलर को बहुत फेक पॉजिटिव रिव्यूज मिल रहे हैं, तो वह गलत है। क्योंकि इससे ऑडियंस की एक्सपेक्टेशन्स और इंडस्ट्री डायनामिक्स पर इंपैक्ट होता है। जो मीडिया वाले और प्रोफेशनल जर्नलिस्ट होते हैं, वह ट्रेलर को लेकर जो कहते हैं उसपर भी डिपेंड करता है कि, चर्चा बढ़े या खत्म हो।

अब शूटिंग के वक्त कुछ जर्नलिस्ट, मीडिया वाले जॉर्डन की ट्रिप पर गए थे जिन्हें प्रोड्यूसर जैकी भगनानी ने बुलाया था डिनर पर। ऐसे में वो लोग ट्रेलर को लेकर क्या कहते हैं, वह बहुत मैटर करता है। अगर कुछ लोग ऐसे ट्रिप्स पर जाने की वजह से ट्रेलर का जो एक्चुअल लेवल है उससे ज्यादा तारीफे करें, पॉजिटिव रिव्यूज दे जो बियोंड द लिमिट हो, तो ऐसे में ऑडियंस भी कंफ्यूज हो सकती है और इसका उल्टा असर फिल्म पर ही हो सकता है। आदीपुरुष के दौरान भी ऐसा ही हुआ था। बड़ा चढ़ा के प्रमोशन और वर्ड ऑफ माउथ रिलीज से पहले काफी अच्छे सुनाई दे रहे थे, पर वह फिल्म पिट गई, और सब नाराज हुए। रणवीर सिंह की सर्कस भी ऐसे ही पीट गई थी।

अब हम‌ यह नहीं कहेंगे कि, बड़े मियां के ट्रेलर को लेकर कुछ पेड़ रिव्यूज होंगे। यह अक्षय, अली की फिल्म है, उन्हें पेड रिव्यूज की जरूरत नहीं है। पर हां, कुछ प्रोडक्शन हाउसेस कभी-कभी पेड़ रिव्यूज कराते हैं टीजर, ट्रेलर और फिल्म पर- जैसे की करण जौहर। ताकि ऑडियंस का अटेंशन मिले।

पर बड़े मियां के केस में ऐसा ना हो और उनका कोई नुकसान भी ना हो।

 

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