Tere Naam 2

यह कहानी शुरू होती है कॉलेज से। जहां पर हम दो बिगड़ेल और अमीर घर के लड़कों को देखते हैं, जिन्हें सीखने में कोई दिलचस्पी नहीं होती। एक का नाम है कबीर और दूसरे‌ का है रणवीर। और कबीर के पिता प्रकाश एक बड़े बिजनेसमैन होते है।

एक दिन जब रणवीर कॉलेज जाता है, उस वक्त कबीर कॉलेज में नहीं होता। तब रणवीर की नजर एक लड़की पर पड़ती है जिसका नाम है आरोही। वो उसके साथ flirt करने की कोशिश करता है, बदतमीजी करने की कोशिश करता है और उस पर आरोही का भाई जय जो उसे लेने आता है, वह यह सब देखकर इतना गुस्सा होता है कि वहां पर लड़ाई होती है। रणवीर यह बात कबीर से शेयर करता है। फिर रणवीर कबीर से कहता है कि,” हम उस लड़के से बदला लेंगे जिसने पूरे कॉलेज के सामने मेरा insult किया”। कबीर कुछ भी नहीं कहता और कुछ दिनों के बाद जब जय आरोही को छोड़ने कॉलेज आता है, तो वापस जाते वक्त रणवीर और कबीर वहां पर खड़े होते हैं। और वह उस पर हमला करते हैं। इसी चक्कर में उन दोनों के हाथों से जय की मौत होती है। अब यह दोनों अमीर घर के लड़के थे, इसीलिए इस मामले को रफा-दफा करने का काम बड़ा आसानी से हो सकता था।

उसी वक्त वहां पर रणवीर कबीर से आरोही की तरफ इशारा करते हुए कहता है,” यही वो लड़की है और जय इसी का ही भाई है”। पर उसे देखने के बाद कबीर को पहले ही नजर में वो पसंद आती है और वह उसी में खो जाता है। कबीर इतना साइको किसम का लड़का था कि वह आरोही को भूल नहीं सकता था और यह बात वो रणवीर को भी बता देता है।

आरोही और उसके घर वाले, उसकी बहने है जिन का जय इकलौता भाई था, वह सभी जय की केस को लेकर परेशान रहते हैं। पर यह मामला आसानी से दबाया जाने की वजह से उन्हें काफी परेशानियां उठानी पड़ती है। Police की तरफ से भी कोई खास response नहीं मिलता।

आरोही जब भी कॉलेज जाती थी, कबीर उसे ही देखता रहता था। पर अब तो इनका कॉलेज पूरा होने में बहुत ही कम वक्त बचा था।

वैसे आरोही को इंप्रेस कर पाना कोई आसान काम नहीं था क्योंकि वह एक सिंपल सी लड़की जरूर थी, पर उसके कुछ उसूल थे, वह इमोशंस को बहुत ज्यादा अहमियत देती थी और जो कबीर ने नोटिस किया था।

इसीलिए कबीर एक अनजान शख्स बनकर उसे शायरियां भेजता रहता है। खुद शायरी लिखना, आरोही को याद करना और उसे भेजते रहना यह सिलसिला काफी महीनों तक जारी रहता है। आरोही को भी यह शायरियां काफी पसंद आने लगती है। पर उसे यह नहीं पता कि वह एक ऐसे शख्स की शायरी पढ़ रही है जो उसके भाई का कातिल है।

फिर एक दिन कबीर आरोही को प्रपोज करने का सोचता है और उसे समंदर के पास बुलाता है। आरोही उसका प्रपोजल सुनकर हंसने लगती है और indirectly उसे इंकार करती है। तब कबीर का ego को hurt होता है और फिर वो साइको बनकर आरोही का प्यार पाने की कोशिश करने लगता है।

आरोही जिस कॉफी शॉप में पार्ट टाइम जॉब कर रही थी, वह उसी कॉफी शॉप में अपने दोस्तों के साथ जाया करता है। टेबल पर बैठकर आरोही को देखता रहता है, घूरता है, जिससे आरोही  uncomfortable हो जाती है और फिर कबीर टशन बाजी करके वहां से निकलता है।

कबीर काफी मेहनत करता है अपना प्यार जाहिर करने के लिए, यही सोचकर कि, आरोही एक वक्त पर उसका प्यार कबूल करेगी और ऐसा होता भी है। आरोही कबीर को पसंद करने लगती है।

उनकी Love story में कुछ खास moments भी आते हैं। पर जब आरोही को यह सच पता चलता है कि, कबीर ने ही उसके भाई को मारा है, तब उसके पैरों तले जमीन खिसकती है। वो कबीर से इस‌ बात का जवाब भी मांगती है, पर कबीर उसकी बातों को जरा भी अहमियत नहीं देता।

फिर कुछ महीनों बाद, आरोही की शादी तय होती है। कबीर को यह बात पता चलती है और वो आरोही के कमरे में आता है। उसे शादी के जोड़े में देखकर देखता ही रह जाता है। उनकी बहस होती है। आरोही पुरानी बातें सामने लाती है और कहती है, “क्या कर लोगे तुम? देखो मैं तुम्हारे सामने हूं, अकेली हूं, क्या कर लोगे? जो शख्स मेरे भाई को मार चुका है और अपने गुनाह की सजा भी‌ नही भुगत‌ रहा, वो‌ भी‌ एक दिन ऐसे‌ ही‌ तडपेगा‌। तुम मेरे तो क्या, पर किसी के भी प्यार के लायक नहीं हो”। पर इस सब बातों का कोई फायदा नहीं होता। कबीर सिधा बाहर जाकर यह शादी रोक देता है।

इन सब में फसी आरोही टूट जाती है और एक दिन उसका major accident होता है जिसमें उसके बचने के‌ काफी कम chances होते हैं। जब कबीर को यह बात पता चलती है, तब आरोही को ठिक करने के लिए वो doctors पर बरस पडता है। कबीर आरोही के सामने बैठकर उसके शब्द याद करता है और तब‌ finally‌ उसे realise होता है कि, वह उसका प्यार नहीं पा सकता।

फिर वह अपने पापा से कह कर अपना गुनाह कबूल करने का फैसला करता है और जेल जाता है। पर जेल जाने के बाद उसे पता चलता है कि आरोही होश में आ चुकी है। वह अपने दोस्त विक्रम से यही कहता है कि, उसे एक बार आरोही को देखना है। जब यह बात आरोही को पता चलती है, तब वह उस से मिलने के लिए इंकार कर देती है और ऐसे ही कबीर आरोही की यादों में और आरोही के प्यार के लिए‌ तड़पता रहता है।

तो कैसी लगी आपको यह कहानी? बताएं कमेंट सेक्शन में अपनी राय।

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