एक्टर रजनीकांत शायद इनका नाम ही काफी है किसी भी फिल्म को हाइप देने के लिए। कुछ दिन पहले ये खबर आई थी कि, रजनीकांत को डायरेक्टर लोकेश कनगराज की काम इतनी पसंद आई था कि, रजनीकांत ने लोकेश को ये कह डाला था कि, “अरे ! भाई तुम इतने अच्छे अच्छे फिल्म बना रहे हो एक फिल्म मेरे साथ भी बना लो”। जैसे ही ये बात रजनीकांत ने लोकेश से कही थी लोकेश की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। लोकेश ने तुरंत जवाब देते हुए कहा था कि, जरूर वो उनके साथ फिल्म में काम करेंगे लेकिन फिल्हाल वो अपनी much awaited फिल्म लियो की तैयारी में बिजी है। लियो के पूरे होते ही वो रजनीकांत के साथ काम करने के लिए किसी स्क्रिप्ट में बिजी हो जाएंगे। क्या पता लोकेश लियो में ही रजनीकांत का कैमियो करवा दे। लियो ने तो audience के बीच तबाही मचाई ही है , लेकिन अब देखना ये है कि अगर लियो में रजनीकांत कैमियो करेंगे तो क्या होगा फिल्म की हाइप।
एक्ट्स audience के बीच आये और audience कोई reaction ना दे ऐसा हो ही नहीं सकता। जैसे ही हैदराबाद की शूटिंग पूरी हो गई थी और एक्टर विजय थलापति अपनी वैनिटी वैन की तरह जा ही रहे थे कि, उनके फैंस ने उन्हें रोक कर ये कहा था कि, “सर आप तो बिल्कुल एक्टर सनी देओल के कैरेक्टर में आ गए हैं”। जहां एक तरफ सनी पाजी अपनी फिल्म गदर 2 में हथोड़े से अपने विलेन को मरते हुए नजर आ रहे हैं तो वही आपने भी विलेन को हथोड़े से मारा है। ये सुनते ही विजय हंसने लगे थे और उन्होंने कहा था कि, ऐसी कोई बात नहीं है जो script कि डिमांड थी उसके हिसाब से ही उन्होंने शूट किया था। रही बात हथौड़े का इस्तमाल करना तो वो एक coincidence हो सकता है क्योंकि मेकर्स ने किसी भी सीन को किसी दूसरी फिल्म से inspire होकर नहीं बनाया है। अब देखना ये है कि, अपने हथोड़े से कितनों को मारते हैं विजय अपनी फिल्म में।
अब अगर किसी भी फिल्म मेकर्स के फिल्म को देखे तो उनकी फिल्म या तो बड़ी होगी या छोटी, या उसकी कहानी unique होगी या वही पुरानी। मेकर्स अपनी फिल्म का बजट ऐसा रखते हैं कि, एक बार फिल्म देखने के बाद audience के मुंह से निकल ही जाता है कि, “आखिर इतना पैसा गया कहा”? ऐसा ही कुछ फिल्म लियो के साथ होने वाला है क्योंकि फिल्म का बजट 250 करोड़ से 300 करोड़ रखा गया है, लेकिन इस फिल्म में हर चीज उल्टा होगा क्योंकि जहां एक तरफ कुछ फिल्मों को देखकर audience ये सोचते हैं कि, फिल्म में इस्तमाल किया गया सारा पैसा गया कहा ? तो वही जब audience लियो फिल्म को देखेंगे तो उनके मुंह से ये निकलेगा कि, “इसे बोलते हैं बड़े बजट वाली फिल्म और पैसा वसूल फिल्म” । अब देखना ये है कि मेकर्स audience को इंप्रेस कर पाते हैं या नहीं, अपने काम से या audience को सिर्फ एक्साइट करके छोड़ देते हैं ।
Chandan Pandit

