Jawan
Mohan अभी-अभी घर आया था । आते ही अपने room जाकर अपने पैरों पर दर्द का मरहम लगाते हुए करहा रहा था । तभी उसकी विधवा मां सुधा उसके कमरे में आती है। मोहन सुधा
Mohan अभी-अभी घर आया था । आते ही अपने room जाकर अपने पैरों पर दर्द का मरहम लगाते हुए करहा रहा था । तभी उसकी विधवा मां सुधा उसके कमरे में आती है। मोहन सुधा
Nisha ने बरवी पास करके college में दाखिला लिया था। College का पहला साल था । वह पहली बार गांव से बाहर जा रही थी । ईशा का बड़ा भाई मोहित Indian Army में था।
सालों पुरानी बात है गुंजन पुर नामक गांव में राजीव नाम का एक फौजी रहता था । राजीव indian army में leftinent के पद पर नौकरी करके देश की सेवा करता था। गांव मे उसकी
मनोहर पाटील महाराष्ट्र के छोटे से जिले के रहने वाले थे। मनोहर पाटिल जी के पांच भाई थे जिसमें से मनोहर जी सबसे छोटे भाई थे। वह केवल 17 साल की उम्र में ही भारतीय
Indian army गायक फौजी अभिमन्यु अपने घर आया हुआ था । जब किसी काम से बाहर निकला तो उसने देखा कि एक लड़की को कुछ लोग छेड़ रहे हैं।b वह तभी वहां भाग कर गया
यह कहानी उमेश समय पर भारतीय सेना का सिपाही था। उसके अंदर देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी। इसी देशभक्ति के चलते उसने अपने पैर तक न्योछावर कर दिए थे पर अब उसके जीवन
17 अगस्त 2006 जम्मू कश्मीर में माहौल थोड़ा गर्म था । हर दिन कहीं ना कहीं भारतीय सेना और आतंकवादियों में मुठभेड़ सुनने को मिलती। इसलिए उन सभी जवानों को भी वापस बुला लिया गया
Roohi के पिता विवेक की होली की छुट्टी समाप्त हो गई विवेक की duty जाने का समय आ गया था। इस तरह भारी मन से विवेक अपने जज्बातों को समेटे हुए duty पर चला जाता
5 दिसंबर 1971, आसमान में indian fighter plain काबू से बाहर हो गया। Plane को नीचे गिरता देख pilot ने अपनी seat, spring की मदद से उछाल दी और parachute की मदद से landings की।
धीरज ,उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला था। वो अपने भैया भाभी के साथ रहता था । जब छोटा था तब accident मे उसके माता-पिता की मौत हो गई थी । जिसके बाद उसके